Saturday, 14 October 2017

मानसिक प्रदूषण अशांति का बड़ा कारण है

   नशा , मांसाहार , निम्न  स्तर  का  साहित्य   और  वैसी  ही  फिल्म  देखने   आदि  अनेक  कारणों  से  आज  लोगों  की  मानसिकता  प्रदूषित  हो  गई  है   और  इस  प्रदूषण  ने  बच्चे , युवा ,  प्रौढ़ , वृद्ध  सबको  अपनी  गिरफ्त  में  ले  लिया  है   l  इसी  कारण  समाज  में  अपराध  में  वृद्धि  हुई  है  ,  दंड  का  भय  न  होने  से  पाशविकता  और  बढ़ती  जाती  है  l 
     प्रत्येक  व्यक्ति ,  प्रत्येक  परिवार  स्वयं  अपना   सुधार  करे    तभी  सकारात्मक  परिवर्तन  संभव  होगा  l 

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