Thursday, 30 November 2017

अच्छाई का संगठित होना जरुरी है

   आज  संसार  में  अनेक  लोग  है ,  जो  बहुत  सद्गुणी  है  , कर्मयोगी  हैं ,  लोक कल्याण  के  कार्य  करते  हैं ,  किसी  का  अहित  नहीं  करते  हैं ,  सत्य  और  धर्म  के  मार्ग  पर  चलते  हैं  l लेकिन  ये  लोग  संगठित  नहीं  हैं   l   अत्याचार  और  अन्याय  को  समाप्त  करने  के  लिए  अच्छाई  को   संगठित  होना  पड़ेगा  l  भगवान  कृष्ण  ने  भी  गीता  में  कहा  है   कि , यदि  हम  अत्याचारी  को  समाप्त  नहीं  करेंगे   तो   वह  हमें  समाप्त  कर  देगा  l  अन्यायी  को  समाप्त  करने  के  लिए  अस्त्र- शस्त्र   और  बाहुबल  की  नहीं   धैर्य  और  विवेक    और  सावधानी    की  जरुरत  है   l    जागरूक  रहकर  समय  रहते   संगठित    होने  से ही   ,  अत्याचारी  का  अंत  संभव  होता  है   l 

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