Monday, 25 December 2017

अशांति का कारण है --- दूसरे को गुलाम बनाने की मानसिकता

  जो  सद्गुण  संपन्न  हैं    वे  सबके  साथ  बहुत  नम्रता  का  व्यवहार  करते  हैं  ,  किसी  को  कष्ट  नहीं  देते  l  ऐसे  लोग  आज  बहुत  कम  व  बिखरे  हुए  हैं  l  आज  ऐसे  लोगों  की  भरमार  है  जिन्होंने  अनैतिक  तरीके  से  बहुत  धन   कमा  लिया  , शक्ति  , पद  हासिल  कर  लिया   l  लेकिन  इच्छाएं  ख़त्म  नहीं  हुईं  l  ऐसे  व्यक्ति  हर  किसी  से  कोई  न  कोई  फायदा  उठाना  चाहते  हैं  ,  अपने  स्वार्थ  के  लिए  दूसरे  को  इस्तेमाल  करना  चाहते  हैं  l  उनकी    यह   मंशा  पूरी  न  हो  पाए  तो  फिर  उसके  विरुद्ध  षडयंत्र  रचेंगे ,  उपेक्षा  करेंगे  ,  उनके  विरुद्ध  लोगों  के  मन  में  जहर  भरेंगे  ,  उसको  नीचा  दिखाने  का ,  उसकी  प्रतिष्ठा  धूमिल  करने  का  हर  संभव  प्रयास  करेंगे   l
  सबसे  बड़ी  दुर्बुद्धि  यही  है  कि   अँधेरा  अपने  अस्तित्व  को  बनाये  रखने  के  लिए   प्रकाश   को   अन्दर  आने  ही  नहीं  देता   l  जरुरी  है  धैर्य  और  संगठित प्रयास  की  l 

No comments:

Post a comment