Saturday, 6 January 2018

अत्याचार और अन्याय का कारण अज्ञानता है

  जिस भी  समाज  और  राष्ट्र  के  लोग  भाग्यवादी  होंगे ,  आलसी  होंगे  उन्हें  अत्याचार  सहना  पड़ेगा  l   जन्म  से  तो  कोई  भाग्यवादी  नहीं  होता    l  देश  में  लम्बे  समय  तक  राजाओं  और  सामंतों  ने  गरीबों  का  शोषण  व  अत्याचार  किये    और  अनेक   पढ़े - लिखे  ज्ञान  का  प्रचार  करने  वाले  लोगों  से  यह  बात  गरीबों  के  दिमाग  में  ठूंस - ठूंस  कर  भर  दी  कि  तुम्हारा  भाग्य  खोटा  है ,  तुम  भाग्यहीन  हो  इसीलिए  तुम्हारा  शोषण  हो  रहा  है  l     भाग्यवादी  होने  की  वजह  से  वे  कभी  अत्याचार  व  अन्याय  के  विरुद्ध  खड़े  नहीं  हो  पाए   और  राजा - सामंत  मनमानी  लूट  व  अत्याचार  करते  रहे  l 
    बीच  के  वर्षों  में  अनेक  समाज  सुधारक  हुए  , देश  को  आजादी  मिली   लेकिन  लोगों   की    शोषण  करने  , अन्याय  करने  की  प्रवृति  गई  नहीं    बल्कि  इस  भौतिकवादी  युग  में  बढती  जा  रही  है  l 
      सबसे  पहले  हमें  यह  समझना  होगा   कि  हर  अत्याचारी  भाग्यवान    और  हर  शोषित , निर्धन  भाग्यहीन  नहीं  है    l  शोषण  इसीलिए  होता  है  क्योंकि  हम  जागरूक  नहीं  है  l 
  पहले  यह  समझना  होगा  कि  कोई  हमारी  योग्यता  से  फायदा  उठा  रहा  है  ,  हमारा  हक  छीन  रहा  है  l
 अपने  ऊपर  होने  वाले  अन्याय  को  समझना  होगा   और  फिर  संगठित  होकर   विवेक पूर्ण  ढंग  से  उसका  सामना  करना  होगा  l
अत्याचारी   जब  बहुत  मजबूत  और  संगठित  हो  तब  लड़ाई - झगड़े  और  वाद - विवाद,    से  समस्या   हल  नहीं  होती  ,  विवेक  और  समझदारी  से  कदम  उठाना  चाहिए  l 

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