Thursday, 1 March 2018

मनुष्य इतना निर्दयी, संवेदन हीन क्यों हो जाता है ?

  मनुष्य   के   भीतर  देव  और  दानव  दोनों  है   l   विज्ञान  ने  मनुष्य  को  संवेदन हीन  बना  दिया  है  , उसके  भीतर  का  राक्षस  जाग  गया  है  l   धन  और  पद  व्यक्ति  को  अहंकारी, दम्भी  बना  देता  है  और  वह  अपनी  शक्ति  का  दुरूपयोग  करने  लगता  है   l  अपने  अहंकार   की   पूर्ति  के  लिए  लोगों  पर  अत्याचार  करते  हैं  l  हर  क्रिया  की  प्रतिक्रिया  होती  है  l  गरीबी , भूख , बेरोजगारी  इसके  साथ  उपेक्षा  और  अपमान  ---- यह  सब  परिस्थितियां  व्यक्ति  को  अपराध  की  ओर  धकेलती  हैं  , व्यक्ति  का  तेजी  से  पतन  होने  लगता  है  l   अपराधी  व्यक्ति  कायर  होता  है   l    छोटे - छोटे  अबोध  बच्चों  पर  जुल्म  करना  कायरता  और  राक्षसी  प्रवृति  है   l  समस्या  की  गहराई  में  जो  मूल  कारण  हैं  उनका  समाधान  करने  से  ही  सुधार  संभव  है  l 

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