Thursday, 22 March 2018

अशान्ति का कारण है --- अनुशासनहीनता

  आज  के  समय  में  युवकों  को   सही  दिशा  देने  वाला  कोई  नहीं  है  l  अनेक  लोग  युवाओं  को   सही  दिशा  देने  के  लिए  प्रयत्नशील  हैं  लेकिन  भ्रष्टाचार  और  ' नेतागिरी '  इतनी  है  कि  उसने  अच्छाई  को  ढक  दिया  है  l  सर्वप्रथम   बच्चे  अपने  परिवार  से  सीखते  है   l  यदि  परिवार  में  माता -पिता , भाई  आदि  परिवार  के  सदस्य  आदि  स्वार्थ , बेईमानी , झूठ , कर्तव्यहीनता , शेखी  दिखाना ,  नशा ,  अहंकार , भ्रष्टाचार  जैसे  दुर्गुणों  से  ग्रस्त  हैं   तो  उन  परिवारों  के  बच्चे , युवा  सब  ऐसी  ही  गलत  राह  पर  चलते  हैं  l   इस  पर  नेताओं  का  संरक्षण , दंड  का  भय  न  होना ,  रिश्वत  देकर ' अपराधी '  कहलाने  से  भी  बच  जाना  , पैसों  की  दम  पर  स्वयं  को  निर्दोष  साबित  करना ---- ये  सब  बातें  उद्दंडता  को  और  बढ़ाती  हैं  l  यदि  कोई  युवक  या  नाबालिग  कोई  अपराध  करता  है  तो  यह  निश्चित  है  कि  उसके  परिवार  के  सदस्य , पिता  आदि  अपराध  से  जुड़े  हैं  l  बबूल  के  पेड़  में  आम  नहीं  लगता  l  बड़े  शहरों  में  तो  लोग  कम  से  कम  यातायात  के  नियमों  का  पालन  कर  ही  लेते  हैं  लेकिन  छोटे  शहरों  में  उद्दंडता  और  लापरवाही  इतनी  है  कि   यातायात  के  नियमों  को  भी  ताक  पर  रखकर  लोग  गाड़ी  दौड़ाते  हैं  l  भगवान  भरोसे  जो  कोई  सुरक्षित  घर  आ  जाये  l 
  आज  धर्म  के  नाम  पर  हर  धर्म  के  लोग  अपनी  शक्ति - प्रदर्शन  करते  हैं  l  ईश्वरीय  न्याय  का  आज  किसी  को  डर  नहीं  है  , ओछे  हथकंडों  से  लोग  अपने  को  धार्मिक ,  ईश्वर  भक्त  दिखाना  चाहते  हैं   l  अपनी  बुराइयों  को,   दुष्प्रवृतियो  को  दूर  कर  अपने  ह्रदय  के  भगवान  को  जगाना  नहीं  चाहते  l  

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