Friday, 16 June 2017

सुख शान्ति से जीने के लिए हमें आध्यात्मिक होना होगा l

  अध्यात्म  का  अर्थ -  जीवन  से  भागना  नहीं  है , संन्यासी बनना  नहीं  है l   अध्यात्म  का  अर्थ है -- अपने  अवगुणों  को  पहचानकर  उन्हें  दूर  करना , सद्गुणों  को  अपनाना , कार्य  को  कुशलता  से  करना l  कुशलता  का  मतलब  चालाकी  नहीं  l   कर्तव्य  पालन  ईमानदारी  से  हो  तो  संसार  की  अधिकांश  समस्याएं  हल  हो  जाएँ  l  योग  की  विभिन्न  क्रियाओं  से  लाभ  प्राप्त  करने  के  लिए  मन  का  परिष्कार  जरुरी  है   l
  यदि  मन  में  छल - कपट , ईर्ष्या-द्वेष  है ,  हमारा  मन  दूसरों  को  धोखा देने , उन्हें नीचा  दिखाने,  उनका हक  छीनने  में  लगा  है   तो  सारी  बाहरी  क्रियाएं  व्यर्थ  हैं  l  तरह  तरह  के  आसन  कर के  भी  चेहरा मलिन  रहेगा  l आध्यात्मिक  क्षेत्र  में  कोई  प्रगति  नहीं  हो  सकेगी  l  मन  का  परिष्कार  ही  अध्यात्म  है  l 

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