Saturday, 13 October 2018

जागरूक समाज में ही अपराध पर नियंत्रण संभव है

  आज  के  समय  में   सही  व्यक्ति  की  पहचान  मुश्किल  हो  गई  है  l  देखने  में  लगता  है  कि  व्यक्ति  बहुत  शिक्षित  है ,   सभ्य   है ,    उच्च  पद  पर  है ,  सभ्रांत  नागरिक  है   लेकिन  उसके  पीछे  कितनी  कालिक  है  ,  यह  जानना  हर  व्यक्ति  की  समझ  से  बाहर  है  l    अब  लोगों  की  रूचि   अपराधी  का  बहिष्कार  करने  , उसके  विरुद्ध  खड़े  होने  की  नहीं   हैं   l  उसके  माध्यम  से  अपने  स्वार्थ   पूरे   करने  में   है  l  अनेक  लोग  अपराधी  को  संरक्षण  देते  हैं   और  अनेक  उसके  संरक्षण  में  पलते  हैं   l  शक्ति  और  बुद्धि  का  दुरूपयोग   समाज  में   अनेक   अपराधों    को  जन्म  देता  है   l   अपनी   कमियां  उजागर  न  हों  इसलिए  लोग    चुप  रहते  हैं    l  जब  समाज  जागरूक  होगा  ,  तत्कालीन  लाभ  न  देखकर   दूरदर्शिता  से   निर्णय  लेगा   तभी  सुख - शांति  संभव  होगी   l 

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