Saturday, 30 June 2018

दंड का भय न होने से अराजकता बढ़ती है

    कोई  भी  समाज  जिसमे  लोगों  को  दंड  का  भय  नहीं  होता  ,  कुछ  विशेष  लोगों  की  खुशामद  कर  के  मनमानी  करने  की  छूट  होती  है  ,  ऐसा  समाज धीरे - धीरे  अराजकता  की  स्थिति  में  पहुँच  जाता  है  ,  शिकायत   किससे    करें   ?  कोई  सुनने  वाला  नहीं  होता  l   जहाँ  अधिकांश  लोग  स्वार्थ  में   डूबे,   अपने  सुख - वैभव , पद - प्रतिष्ठा  को  बचाने  में  लगे  हों  ,  वह  समाज   आदिम - युग  में  पहुँच  जाता  है  l 
   भौतिक  साधनों  में  वृद्धि  ,  विकास  का  मापदंड  नहीं  है   l 
  अब  समाज  भी  जागना  नहीं  चाहता  है   l   हर  व्यक्ति  अपने  चेहरे  पर  एक  नकाब  डाले  है   l   शराब , नशा ,  मांसाहार ,  अश्लीलता  आदि  मन  को  बहकाने  वाले  अनेक  कारणों  से   ' डबल फेस '  में  से  एक  चेहरा  मौका  मिलने  पर  कब  राक्षस  हो  जाये  ,  कोई  नहीं   जानता  l 
  एक  जागरूक  समाज  वह   होता  है   जो  समस्या  की  जड़  में  पहुंचकर  उसके  समाधान  की  बात  करे  l  

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