Wednesday, 18 July 2018

जब अधिकांश व्यक्ति अपने आप को नेता समझने लगते हैं तो अशांति और अव्यवस्था उत्पन्न होने लगती है

 एक  वाक्य  है --- ' कलियुग  में  शक्ति  संगठन  में  होती  है  '   इस  वाक्य  को  अपना  आदर्श  बनाकर  पुरे  देश  में  तरह - तरह  के  छोटे - बड़े  संगठन  बन  गए  l  इस  वाक्य  के  पीछे  जो  मूल  आधार  था   उसे  भुला  दिया    कि--  संगठन  का  आधार  नैतिकता  हो ,  जिसका  उद्देश्य  और  लक्ष्य  महान  हो l  जैसे  देश  को  आजाद  कराने  महान  लक्ष्य  लेकर  लोग  संगठित  हुए  ,  कष्ट   सहे ,  त्याग  किया   तब  इस  महान  लक्ष्य  में  सफलता  मिली  l   लेकिन  आज  स्वार्थ  और  लालच   और  अहंकार  जैसी  दुष्प्रवृत्तियों    का  पोषण  करने  के  लिए   संगठनों  की  भरमार  है   l  ऐसे  संगठन  ही  समाज  में   अव्यवस्था  फैलाते  हैं  

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