Monday, 2 July 2018

जब तक जनता जागरूक नहीं होगी , किसी भी समस्या का समाधान संभव नहीं है

 अपराध  करना  और  अपराध , अत्याचार  , अन्याय  को  देखकर  भी  अनदेखा  करना ,  अपनी  आँखें  मूंद  लेना  भी  अपराध  है  l  तरह - तरह  के  सब  अपराध  समाज  में  ही  होते  हैं ,  और  अपराधी  प्रवृतियों  को  समाज  में  ही  छुपाते  हैं  जैसे  जो  नशे  का  कारोबार  करते  हैं , वे  ऐसी  सामग्री  समाज  में  ही  छुपाते  हैं , जो   मांस  का  अवैध  कारोबार  करते  हैं , वे  जानवरों  को  समाज  में  ही  चुराते और  छुपाते  हैं  ,  इसी  तरह  जो  बच्चे - बच्चियों  के  प्रति  जघन्य  अपराध  करते  हैं , रैक्ट्स  आदि  चलते  हैं ,  वह  सब  समाज  में  ही  है l  इसलिए  इनसे   निपटने  के  लिए    समाज  को  अपने  छोटे - छोटे  स्वार्थ  छोड़कर  जागरूक  और  संगठित  होना  पड़ेगा  l 
  कहते  हैं  ईश्वर  निराकार  है ,  वे  स्वयं  कैसे  काम  करेंगे  ?  यदि  हम  किसी  श्रेष्ठ  उद्देश्य  के  लिए  एक  कदम  आगे  बढ़ाएंगे  तो  वे  दैवी  शक्तियां  हमारे  प्रयत्नों  में  सहयोग  के  रूप  में  साकार  हो  जाएँगी  जैसे  अत्याचार  के  अंत  के  लिए  जब  अर्जुन  ने  कदम  बढाया  तो  भगवान  उनके  सारथी  बने , उनके  रथ  की  ध्वजा  पर  हनुमानजी  बैठे  l  हमें  एक  कदम  तो  आगे  बढ़ाना  ही  होगा  तभी  सहयोग  मिलेगा   l  

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