Tuesday, 3 July 2018

अपराध तभी बढ़ते हैं , जब अपराधियों को संरक्षण मिलता है

  यदि  समाज  में  सुख  शांति  और  बच्चों  की  सुरक्षा  चाहिए   तो  अनैतिक  और  अवैध  धन्धों  को  जड़  से  समाप्त  करना  होगा   l  ऐसे  अनैतिक  कार्य  व्यक्ति  अकेला  नहीं  करता   l  इनके  कर्ता- धर्ता  इन  कामों  के  लिए  अनेक  गुंडे  पालते  हैं   जो  इसी  समाज  में  रहते  हैं   और  कभी  अपने  ' आका ' के  लिए  और  कभी  अपने  लिए  जघन्य  अपराधों  को  अंजाम  देते  हैं   l  ऐसे  लोग  अपने  स्वार्थ  के  लिए  एक  दूसरे  से  एक  श्रंखला  में  बंधे  होते  हैं  इसलिए  सजा  से  बच    जाते  हैं   l 
  हर  परिवार  को  जागना  होगा  क्योंकि  जो  भी  अपराधी  हैं  वे  किसी  न  किसी  परिवार  के  सदस्य  हैं  l  जब  कभी  समाज  में  दंगे - फसाद  होते  हैं  तो  कैसे  टिड्डी  दल  की  भांति  दंगाई  आते  हैं ,  उनके  हाथों  में  हथियार  भी  होते  हैं   l  यह  सब  समझने  की  बातें  हैं  कि  कहीं  कोई  जादू  की  छड़ी  नहीं  थी  कि  तुरंत  हथियार  समेत  सब  आ  गए  ,  समाज  में  ही  अनेक  लोग  इन  कामों  में  ,  व्यवस्था  में  लगे  होंगे  l 
  केवल   दोष  देने  से  समस्या  नहीं  सुलझती ,  एक  बड़े  परिवर्तन  की  आवश्यकता  है   l  

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