Sunday, 8 July 2018

नैतिक मूल्यों में गिरावट के कारण ही ऐसे अपराध होते हैं जिससे राष्ट्र की छवि खराब होती है

   नैतिक  शिक्षा  की  पुस्तक  पाठ्यक्रम  में  सम्मिलित  कर  देने  से    नैतिकता  का  ज्ञान  नहीं  होता   l   मानवीय  मूल्यों  के  आभाव  में   ज्ञान  का , धन  का ,  संचार  के  साधनों का   ,  समूची  वैज्ञानिक  प्रगति  का  ही  दुरूपयोग  होता  है   l   यह  सत्य  है  कि    अहंकारी  और  गलत  राह  पर  चलने  वाला   दूसरों  को  तो  कष्ट   पहुंचाता  है   लेकिन  स्वयं  भी  समूल  नष्ट  हो  जाता  है   l 
  समस्या  विकट  इसलिए  है  क्योंकि  बच्चों  को  शिक्षा  देने  वाले ,  उन्हें  अच्छे  संस्कार   देने  वाले  बहुत  कम  हैं   l    भ्रष्टाचार ,  बेईमानी , स्वार्थ ,  झूठ ,  नशा,  आदि   गैर कानूनी  कार्य  करने  वालों  का  बोलबाला  है  l   जब  तक  जन  चेतना  नहीं  जागेगी ,  लोग  दूसरे  के   कष्ट  को  महसूस  नहीं  करेंगे ,  संवेदना  नहीं  जागेगी  तब  तक    सुधार    संभव  नहीं  है   l  

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